प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार के शिक्षा निदेशालय और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने टीजीटी-पीजीटी के करीब 30,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। दोनों संस्थाओं के बीच अधियाचन प्रारूप को अंतिम रूप दे दिया गया है। इससे अब नई भर्ती प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है।
शिक्षा निदेशालय इन पदों का विषयवार और आरक्षणवार अधियाचन ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने की तैयारी कर रहा है। अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक सुरेंद्र कुमार तिवारी के अनुसार, ई-अध्यापन के लिए पोर्टल की तकनीकी खामियां लगभग दूर कर ली गई हैं। अगस्त में कार्मिक विभाग से हरी झंडी मिलते ही पोर्टल सक्रिय कर दिया जाएगा।
इस बार टीजीटी के करीब 24,000 और पीजीटी के करीब 6,000 पद भर्ती प्रक्रिया में शामिल होंगे। अधियाचन प्राप्त होते ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग भर्ती विज्ञापन जारी कर देगा। अधियाचन प्राप्त होने के बाद, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग नई भर्ती जारी करेगा। परीक्षा के आयोजन, आवेदन प्रक्रिया, केंद्र निर्धारण आदि में लगभग 4 से 5 महीने का समय लग सकता है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की गुरुवार को हुई बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि टीजीटी-2022 भर्ती परीक्षा की तिथि एक सप्ताह के भीतर घोषित कर दी जाएगी, जबकि पीजीटी परीक्षा अगस्त के अंत में आयोजित होने की संभावना है। ये परीक्षाएँ पहले उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड द्वारा आयोजित की जानी थीं, लेकिन प्रक्रिया लंबित रही।
आयोग अध्यक्ष डॉ. कीर्ति पांडेय ने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि टीजीटी और पीजीटी दोनों परीक्षाएँ 15 दिनों के अंतराल पर आयोजित की जाएँ। हमारी तैयारी पूरी है। एक बिंदु पर शासन से मार्गदर्शन माँगा गया है। प्राप्त होते ही परीक्षा तिथियों की घोषणा कर दी जाएगी। टीजीटी के 3539 पदों पर भर्ती के लिए लगभग 9 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। लाखों अभ्यर्थी तीन साल से परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। पीजीटी के 624 पदों के लिए 4.64 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
शिक्षक भर्ती को लेकर आंदोलनरत अभ्यर्थियों की लगातार मांगों के बीच आयोग अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय अब तक विभिन्न विभागाध्यक्षों के साथ आधा दर्जन से अधिक बैठकें कर चुके हैं। आयोग ने टीईटी के आयोजन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रतियोगी छात्र नेता एवं संघर्ष समिति के अध्यक्ष विक्की खान का कहना है कि अधियाचन लेने में कोई बहादुरी नहीं है।
अधियाचन मिलने के बाद समय पर परीक्षा आयोजित कराने में बहादुरी है। आयोग अब तक पुरानी टीजीटी और पीजीटी परीक्षा आयोजित नहीं कर पाया है। तीन बार तिथि देने के बाद आयोग ने परीक्षा स्थगित कर दी है। अभी तक तिथि घोषित नहीं की गई है। ऐसे में प्रदेश के लाखों अभ्यर्थी परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। उन पर मनोवैज्ञानिक, सामाजिक, पारिवारिक और आर्थिक दबाव है। कई अभ्यर्थी ओवरएज हो रहे हैं।

